क्या क़ुरआन (नाऊज़ोबिल्लाह)मुहम्मद साहब द्वारा रचित ग्रंथ है?

नहीं, क़ुरआन मुहम्मद साहब द्वारा रचित ग्रंथ नहीं है। क़ुरआन इस्लामी धर्म का पवित्र ग्रंथ है और मुस्लिम समुदाय की मान्यताओं के अनुसार, यह अल्लाह (ईश्वर ) के माध्यम से प्रकटित हुआ है। मुहम्मद साहब को इस्लामी विश्वास मानने वाले मुसलमानों का प्रमुख प्रेरक मानते हैं, लेकिन वह क़ुरआन के लेखक नहीं हैं। मुहम्मद साहब के विषय में मान्यता है कि उन्हें अल्लाह के द्वारा दिए गयी आकाशवाणी  के माध्यम से क़ुरआन की प्राप्ति हुई थी। 

क़ुरआन को अल्लाह के माध्यम से आकाशवाणी के द्वारा अवतरित हुआ माना जाता है, जिसे मुहम्मद साहब ने अपने जीवनकाल में प्राप्त किया। यह घटना मुसलमान समुदाय के धार्मिक अनुयायों के बीच प्रमुख तथ्य मानी जाती है। कुरान के अवतरण का पूर्ण विवरण इस प्रकार है:

जब मुहम्मद साहब 40 वर्ष के थे, वह हिरा नामक गुफ़ा में जाकर एकांत में ईश्वर की स्तुति वंदना किया करते थे। एक दिन उन्हें गुफ़ा में अचानक एक आकाशीय दृश्य दिखाई दिया। इस दृश्य में उनके सामने मानव के रूप में दिखाई देने वाले  अल्लाह के अल्लाह के देवदूत गैब्रिएल थे, जिन्होंने उन्हें पढ़ने के लिए आह्वानित किया। पर मुहम्मद साहब अनपढ़ होने के कारण ईश्वर के ईश्वर के लिखित संदेश को पढ़ न सके. तब गैब्रिएल ने उस संदेश को स्वयं पढ़ा व मुहम्मद साहब से दोहरवाया भी.

इस घटना के बाद, मुहम्मद साहब को नियमित रूप से आकाशवाणी मिलने लगी, जिसमें उन्हें अल्लाह के द्वारा भेजे गए संदेश प्राप्त होते थे। यह संदेश उन्हें विभिन्न मुद्दों, धर्मिक उपदेशों, नियमों, मार्गदर्शन और जीवन के मुद्दों पर विचार करने के लिए दिए जाते थे।

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